यह सफर नहीं आसान…
कभी हम आपके पास चले आते है तो कभी आप हमारे पास….
लगता तो है की यह दूरियां घटती जा रही हैं… पर जैसे कहा ना मुस्किल है यह सफर …. यह रास्ता हमे मिलने ही नहीं देता है।
फिर भी हम चलते जा रहे है, इक आसा कि किरण हाथ में थामे हुए
की एक दिन तो ऐसा आएगा की हम एक हो जायेंगे.. जैसे ढलता हुआ सूरज इन पहाड़ों में।
छमछमती हुई इन नदियां समुंदरो में।
यह सफर नहीं हैं आसान जब तक हम इसे आसान न बनाए।
~गुमनाम सा मैं
Loved the ending more……❤
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